शामलाजी मेला
गुजरात के साबरकांठा जिले में हर साल शामलाजी मंदिर में मेला लगता है। शामलाजी मंदिर की बहुत मान्यता है। माना […]
गुजरात के साबरकांठा जिले में हर साल शामलाजी मंदिर में मेला लगता है। शामलाजी मंदिर की बहुत मान्यता है। माना जाता है कि यहां आकर मन्नत मांग लेता है वो.गुजरात के शामलाजी मंदिर में हर साल मेला लगता है। इस मेले को देखने दूर दूर से लोग आते हैं। मश्वो नदी पर बने भगवान विष्णू के इस मंदिर की बहुत मान्यता है। नवंबर महीने के दौरान यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। मंदिर में दर्शन के लिये लोग अपनी पारंपरिक गुजराती वेशभूषा में आते हैं जो कि यहां की रौनक में चार चांद लगा देता है।
मेले की ख़ासियत
इस मेले में लोग रंग बिरंगे कपड़े पहन कर, बड़े बड़े झंडे उठाकर अपने ऊंटों के साथ पैदल आते हैं। महिलाएं शामलाजी के भजन गाती हैं। सबसे पहले तो मेश्वो नदी में स्नान करके खुद को शुद्ध किया जाता है और फिर मंदिर में दर्शन कर पूजा अर्चना की जाती है। दर्शन करने के बाद मेले का लुत्फ उठाया जाता है। मेले में हर साल गुजरात और राजस्थान से करीब 2 लाख श्रद्धालु आते हैं। शामलाजी मेला व्यापार की दृष्टी से भी काफी अहम है। यहां पर चांदी के गहने, लोहे का सामान, कपड़े और लकड़ी का काफी सामान बेचा जाता है।
मंदिर की कथा
शामलाजी मंदिर बनने के पीछे कई कथाएं हैं उनमें से एक है ब्रह्मा जी कि, एक बार भगवान ब्रह्मा धरती पर आए और तीर्थ स्थान की खोज करने लगे। काफी देर तक ढूंढने के बाद वो शामलाजी आए। शामलाजी में उन्हें काफी शांति मिली और उन्होंने कई साल यहां तपस्या की।शिव भगवान ने उन्हें यहां पर यज्ञ करने को कहा। यज्ञ की शुरूआत के वक्त भगवान विष्णु ने खुद को यहां शामलाजी के तौर पर स्थित किया।

कैसे पहुंचें शामलाजी मंदिर
शामलाजी मंदिर गुजरात के साबरकांठा जिले में है। ये जिला राजस्थान और गुजरात के बॉर्डर पर पड़ता है। अगर आप अहमदाबाद से जाना चाहें तो वहां से इसकी दूरी 122 किलोमीटर है।
शामलाजी मंदिर मेला और पूजा के वीडियो
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